उमर अब्दुल्ला को भी झूठी दिखाई देती है “द कश्मीर फाइल्स” फिल्म की दर्दभरी दास्ताँ

पिता फारूक अब्दुल्ला के बाद बेटे उमर अब्दुल्ला का बयान आया सामने, कहा- ‘’फिल्म में कई झूठी बातें दिखाई गई’’

कश्मीरी पंडितों के दर्द को बयां करने वाली फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” आने के बाद पूरे देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। ना सिर्फ आम लोगों में बल्कि राजनीतिक गलियारों में यह फिल्म चर्चाओं का विषय बनी हुई है। देश-विदेश के दर्शकों ने दिल खोल कर फिल्म का स्वागत करते हुए षड्यंत्र की परतों के पीछे छुपे सत्य को सामने लाने के लिए फिल्म निर्माता, निर्देशक और कलाकारों की भरपूर सराहना की है। दूसरी ओर कश्मीरी पंडितों के नरसंहार के दिल हिला देने वाले सच को दर्शाती इस फिल्म ने उस दौर के राजनेताओं को भी सामने आने के लिए मजबूर कर दिया है। अब ये राजनेता अपनी बिगड़ती छवि को बचाने के लिए, फिल्म की कहानी को झूठा बता रहे है।

कश्मीर की सच्चाई को झुठलाने के लिए सारे हिंदू-विरोधी एक स्वर में बोल रहे हैं और सबकी भाषा लगभग एक जैसी है। चाहे वह बॉलीवुड हो, आतंकी हों, अलगावादी समर्थक हों, जेहादी हों या घृणा की राजनीति करने वाले राजनेता–सभी फिल्म के तथ्यों को झूठा करार देने में लगे हुए है। कश्मीर फाइल्स को लेकर पहले फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया आई थी। अब उनके बेटे उमर अब्दुल्ला का बयान भी सामने आया है। इस बयान में अमर अब्दुल्ला का कहना है कि “द कश्मीर फाइल्स फिल्म में कई झूठी बातें दिखाई गई हैं। उस दौरान फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के सीएम नहीं थे। वहां राज्यपाल शासन था। देश में वीपी सिंह की सरकार थी, जिसे बीजेपी का समर्थन हासिल था।”

हाल ही में फारूक अब्दुल्ला ने इस पूरे मामले का दोष जगमोहन के माथे मढ़ते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज से करवाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जगमोहन की फाइल खँगालने को कहा है। जहां फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी हिंदुओं के हालात के लिए तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन को दोषी ठहराया है, वहीं महबूबा मुफ़्ती ने हिंदुओं की भावनाओं के साथ खेलने का केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है।

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