नेपाल में रुपे-कार्ड का शुभारंभ, दोनों देशों के तीर्थ-स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर समझौता

भारत यात्रा पर पहुंचे नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, कालापानी सीमा विवाद को सुलझाने का किया आग्रह

भारत यात्रा पर पहुंचे नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने कालापानी सीमा विवाद को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया है। शनिवार को दोनों नेताओं के बीच कालापानी सीमा विवाद समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री ने सीमा विवाद को लेकर द्विपक्षीय तंत्र स्थापित करने की अपील की। वहीं भारत के विदेश सचिव हर्ष श्रंगला ने कहा कि सीमा विवाद मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए और इस मुद्दे का हल आपसी समझ के साथ करना चाहिए।

 हैदराबाद में पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री की मुलाकात के दौरान भारत में विकसित रुपे कार्ड सुविधा की भी नेपाल में शुरूआत की गई। इसके साथ ही नेपाल और भारत रेलवे को जोड़ने तथा पर्यटन सर्किट के माध्यम से दोनों के तीर्थ स्थलों को जोड़ने को लेकर भी समझौता हुआ। दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री मीडिया से भी मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि “हमने सीमा मुद्दे पर चर्चा की और मैंने पीएम मोदी जी से एक द्विपक्षीय तंत्र की स्थापना के माध्यम से इस सीमा विवाद को हल करने का आग्रह किया।“

 उल्लेखनीय है कि काला पानी सीमा विवाद उत्पन्न होने के बाद से किसी नेपाली नेता की यह पहली भारतीय यात्रा है। भारत के विदेश सचिव हर्ष श्रंगला ने कहा कि इस मुद्दे पर संक्षेप में चर्चा हुई। समझ के साथ दोनों पक्षों को अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना में चर्चा और बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है। ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। बल्कि बातचीत से इस मुद्दे का हल होना चाहिए।

 गौरतलब है कि नेपाल के वामपंथी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के कार्यकाल में मई 2020 में कालापानी सीमा विवाद शुरू हुआ था। वहीं जून 2020 में नेपाल सरकार ने भारत के साथ इस विवाद के चलते बिहार के पूर्वी चम्पारण में ढाका अनुमंडल के लाल बकेया नदी पर बन रहे तटबंध के निर्माण कार्य को रोक दिया था।

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