सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रसारित करेगी केंद्र सरकार

प्रत्यक्ष जन कल्याणकारी योजनाओं को निष्ठा-पूर्वक लागू करना मोदी सरकार की लोकप्रियता का आधार बना

वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के गठन के बाद से केंद्र द्वारा विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की शुरुआत की गई है जिनका देश भर की जनता को काफी लाभ मिला है। अब सरकार अपनी प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाओं और उसके लाभों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए अलग से अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसके जरिए जनता तक प्रत्यक्ष संदेश पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विभिन्न कल्याण योजनाओं से समाज के कमजोर तबकों–खासकर महिलाओं और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों — को सीधा लाभ पहुँचाने में अच्छी सफलता मिली है।

अभी अभी सम्पन्न हुए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद अब 2022 तथा 2023 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और फिर 2024 में लोकसभा के चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी आने वाले इस संघर्ष की तैयारियों में अभी से जुट गई है। इस सिलसिले में पिछले हफ्ते एक निर्णय लिया गया था जिसके तहत विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को पिछले साढ़े सात वर्षों में उनके द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और उनसे लाभान्वित होने वाले लोगों की सूची तैयार रखने के लिए कहा गया था।

सूत्रों के मुताबिक ने केंद्र सरकार इसकी पूरी समीक्षा कर रही है। जिसके बाद सरकार देश भर में चलाई गई योजनाओं और उनके लाभों को जनता को बताने के लिए एक अभियान शुरू करेगी। यह स्पष्ट देखा गया है कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में से चार राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने में बीजेपी की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम जैसी योजनाओं से लाखों परिवारों को बहुत लाभ मिला है। इन योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को रोजगार, किफायती आवास और रसोई गैस की सुविधा से लाभ हुआ है। इसके साथ ही कोरोना काल में भी सरकार की ओर से गरीब परिवारों को लगातार मुफ्त राशन बांटने और गरीब किसानों को हर माह 2000 रुपए नकद सहायता देने की योजना ने मोदी सरकार की लोकप्रियता को खूब बढ़ाया है।

वहीं केंद्र सरकार ने महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में व्यवधान का सामना करने में मदद करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायों का भी समर्थन किया था। पेट्रोलियम, ग्रामीण विकास, महिला और बाल विकास, सामाजिक न्याय और अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामले कुछ ऐसे प्रमुख मंत्रालय हैं, जिन्होंने ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अपने बजट से पर्याप्त धनराशि निर्धारित की है। 


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